हम सभी जानते हैं कि अच्छी नींद सेहत के लिए कितनी जरूरी है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि नींद की कमी न केवल आपकी एकाग्रता को प्रभावित करती है, बल्कि यह बड़ी दुर्घटनाओं का कारण भी बन सकती है? शोधकर्ताओं ने कई तरह के नींद संबंधी विकारों (Sleep Disorders) की पहचान की है, जो हमारे सामान्य जीवन को बुरी तरह प्रभावित कर सकते हैं ।
इस ब्लॉग में हम नींद से जुड़ी समस्याओं, उनके खतरों और कुछ खास स्लीप डिसऑर्डर्स के बारे में जानेंगे।
1. नींद की कमी के प्रभाव और झपकी (Nap) का महत्व
नींद की गड़बड़ी बच्चों के सही विकास और वृद्धि (Growth) में बाधा डाल सकती है । हालांकि, काम के बीच में दोपहर की एक छोटी सी झपकी (Nap) बड़ों और बच्चों दोनों के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है:
- बच्चों के लिए: प्ले स्कूल जाने वाले बच्चों के विकास के लिए झपकी बहुत मददगार होती है ।
- बड़ों के लिए: यह वयस्कों के प्रदर्शन को सुधारती है और दिन के बाकी काम के लिए एकाग्रता (Concentration) बढ़ाने में मदद करती है ।
2. शिफ्ट में काम करना और दुर्घटनाओं का जोखिम
नींद की कमी या नींद संबंधी गड़बड़ी एकाग्रता में कमी का एक बड़ा कारण है। यह देर रात या सुबह-सुबह होने वाली सड़क, रेल और हवाई दुर्घटनाओं की मुख्य वजह मानी गई है । इसलिए, यदि आपको नींद आ रही हो, तो कभी भी गाड़ी नहीं चलानी चाहिए ।
शिफ्ट में काम करने वाले लोगों (Shift Workers) के लिए यह जोखिम और भी ज्यादा होता है:
- सर्केडियन रिदम का बिगड़ना: शिफ्ट वर्क हमारे शरीर की प्राकृतिक घड़ी (Circadian Rhythms) को बिगाड़ देता है, जिससे व्यक्ति कभी-कभी बहुत ऊर्जावान और कभी बहुत सुस्त महसूस करता है ।
- सेहत पर असर: शिफ्ट वर्कर्स को अक्सर पेट के अल्सर और पाचन संबंधी समस्याएं हो जाती हैं ।
- बड़ी त्रासदियां: इतिहास गवाह है कि ‘थ्री माइल आइलैंड’, ‘चेर्नोबिल परमाणु संयंत्र’ और भारत की ‘भोपाल गैस त्रासदी’ जैसी घटनाएं सुबह के शुरुआती घंटों में हुईं, जब नींद का प्रभाव सबसे ज्यादा होता है ।
शिफ्ट वर्कर्स के लिए उपाय: शोधकर्ताओं का सुझाव है कि शिफ्ट को ‘दिन -> शाम -> रात’ के क्रम में बदलना चाहिए (उल्टा नहीं), और एक कर्मचारी को कम से कम तीन सप्ताह तक एक ही शिफ्ट में रखना चाहिए ।
3. प्रमुख स्लीप डिसऑर्डर्स (Sleep Disorders)
शोधकर्ताओं ने अनिद्रा (Insomnia), बेचैनी और दिन में बहुत अधिक नींद आना (Hypersomnia) जैसे कई विकारों की पहचान की है । यहाँ तीन प्रमुख विकारों का विवरण दिया गया है:
नींदमेंचलना(Sleepwalking)
यह वयस्कों और महिलाओं की तुलना में 5 से 7 साल के बच्चों में अधिक पाया जाता है, खासकर जब वे थके हुए या तनाव में हों।
- क्या करें: स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के डॉ. विलियम सी. डिमेंट के अनुसार, माता-पिता को ‘धैर्य’ रखना चाहिए क्योंकि ज्यादातर इलाज बेअसर होते हैं ।
- सावधानी: स्लीपवॉकर को कभी भी झकझोर कर न जगाएं, इससे वे भ्रमित हो सकते हैं। उनका नाम धीरे-धीरे पुकारें और प्यार से संभालें । हालांकि वे हिंसक नहीं होते, लेकिन सीढ़ियों से गिरने या खिड़की को दरवाजा समझने जैसी दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है ।

स्लीपएप्निया(Sleep Apnea)
इस स्थिति में सोते समय व्यक्ति की सांस बार-बार रुकती है और उसे सांस लेने के लिए थोड़ा जागना पड़ता है ।
- लक्षण: मरीज को रात के संघर्ष याद नहीं रहते, लेकिन वे दिन भर थकान महसूस करते हैं ।
- जोखिम: इससे हार्ट प्रॉब्लम, हाई ब्लड प्रेशर, गुस्सा और डिप्रेशन का खतरा बढ़ जाता है ।
- कारण और इलाज: इसका मुख्य कारण वायु मार्ग (Air passage) का अवरुद्ध होना है, जो अक्सर मोटापे के कारण होता है। मास्क के जरिए हाई प्रेशर ब्रीदिंग या सर्जरी इसके प्रभावी इलाज हैं ।
नार्कोलेप्सी(Narcolepsy)
अच्छी नींद स्वस्थ जीवन की नींव है। यदि आप या आपके परिचित इन लक्षणों का अनुभव कर रहे हैं, तो डॉक्टर से परामर्श अवश्य लें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ) – नींद और स्वास्थ्य
प्रश्न 1: क्या दिन में झपकी (Nap) लेना सेहत के लिए अच्छा है? उत्तर: जी हाँ। बच्चों के लिए प्ले स्कूल या स्कूल स्तर पर झपकी लेना उनके सही विकास और वृद्धि में मदद करता है । वहीं, वयस्कों के लिए काम के बीच में दोपहर की छोटी सी नींद एकाग्रता बढ़ाने और दिन के बाकी काम को बेहतर ढंग से करने में फायदेमंद साबित हो सकती है ।
प्रश्न 2: शिफ्ट में काम करने (Shift Work) से सेहत पर क्या असर पड़ता है?
उत्तर: शिफ्ट में काम करने से शरीर की प्राकृतिक घड़ी (Circadian Rhythms) गड़बड़ा सकती है, जिससे व्यक्ति कभी-कभी बेवक्त ऊर्जावान या सुस्त महसूस करता है । शिफ्ट वर्कर्स को अक्सर नींद संबंधी विकार, अल्सर और पाचन संबंधी समस्याएं होने का खतरा रहता है ।
प्रश्न 3: शिफ्ट ड्यूटी के दुष्प्रभावों को कम करने का सही तरीका क्या है?
उत्तर: शोधकर्ताओं के अनुसार, शिफ्ट का बदलाव हमेशा ‘दिन से शाम और फिर रात’ (Day -> Evening -> Night) के क्रम में होना चाहिए, न कि उल्टा । साथ ही, कर्मचारियों को एक विशेष शिफ्ट में कम से कम तीन सप्ताह तक रखा जाना चाहिए ।
प्रश्न 4: अगर बच्चा नींद में चलता है (Sleepwalking), तो माता-पिता को क्या करना चाहिए?
उत्तर: नींद में चलने वाले बच्चों के साथ धैर्य रखना सबसे ज़रूरी है क्योंकि ज़्यादातर इलाज असरदार नहीं होते । उन्हें कभी भी झकझोर कर न जगाएं क्योंकि इससे वे भ्रमित हो सकते हैं । इसके बजाय, उनका नाम धीरे से पुकारें और उन्हें प्यार से संभालते हुए वापस सुला दें ।
प्रश्न 5: मुझे दिन में बहुत थकान महसूस होती है, क्या यह स्लीप एप्निया (Sleep Apnea) हो सकता है? उत्तर: यह संभव है। स्लीप एप्निया में सोते समय सांस बार-बार रुकती है, और पीड़ित को अक्सर अपना रात का संघर्ष याद नहीं रहता । इस वजह से वे दिन भर बिना कारण जाने थकान महसूस करते हैं । यह अक्सर मोटापे से ग्रस्त लोगों में होता है ।
प्रश्न 6: नार्कोलेप्सी (Narcolepsy) क्या है और यह खतरनाक क्यों है?
उत्तर: नार्कोलेप्सी एक ऐसी स्थिति है जिसमें व्यक्ति को अत्यधिक नींद आती है और वह कभी भी अचानक सो सकता है—यहाँ तक कि बात करते समय या गाड़ी चलाते समय भी । यह जानलेवा हो सकता है क्योंकि इसमें मांसपेशियों पर से नियंत्रण खोने का खतरा भी होता है ।
प्रश्न 7: नींद की कमी दुर्घटनाओं का कारण कैसे बनती है?
उत्तर: नींद की गड़बड़ी एकाग्रता (Concentration) खोने का एक मुख्य कारण है । भोपाल गैस त्रासदी और चेर्नोबिल जैसी कई बड़ी औद्योगिक और वाहन दुर्घटनाएं सुबह के शुरुआती घंटों में हुई हैं, जब नींद का प्रभाव सबसे ज़्यादा होता है ।